आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ, एक ऐसे गगन के तलेजहाँ ग़म भी ना हो, आँसू भी ना हो, बस प्यार ही प्यार पले
सूरज की पहली किरण से, आशा का सवेरा जागेचंदा की किरण से धूलकर, घनघोर अंधेरा भागेकभी धूंप खिले, कभी छाँव मिले, लंबी सी…
Beautiful .. as always :)
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